स्वर्गीय राजीव गांधी के गोद ग्राम कुल्हाड़ीघाट कि बल्दी बाई जिनके हाथो राजीव जी ने कंदमूल का स्वाद चखा था उनकी बहू और उसके पोते के ईलाज के दौरान मौत और उसके शव को बिना 25 हजार के न देने को लेकर जिस तरह समाचार और मीडिया में सुर्खियां बनी हुई थी, जिसकी जानकारी लगातार प्रदेश सरकार एवं कांग्रेस के आला पदाधिकारियों तक पहुंच रही थी और लगातार वहां से इस संबंध में पूछताछ होता रहा इन सारी घटना के बाद जिले के कलेक्टर नीलेश शिरसागर स्वयं कुल्हाड़ी घाट पहुंच बल्दी बाई से भेंट उनके परिवार पर आई इस विपत्ति के लिए शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें साल साड़ी व फल भेंट कर उनका हालचाल व स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत जानकारी ली इस अवसर पर बल्दी बाई ने एक आवास की मांग रखी कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने इस संबंध में शासकीय योजनाओं के अनुरूप उन्हें राहत देने की बात कही इस अवसर पर सी एम ओ एन के नवरत्न बीएमओ गजेन्द्र धुवँ एवं जनपद पंचायत सीईओ नरसिग धुवँ व अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।
इस अवसर पर जिलाधीश नीलेश क्षीर सागर ने कुल्हाड़ी घाट के अन्य गलियों में विचरण कर लोगों से उनकी समस्याओं को लेकर विस्तृत जानकारी ली तथा पेयजल व्यवस्था को लेकर भी जानकारी लेते रहे इस अवसर पर उन्होंने सीईओ जनपद पंचायत को निर्देशित किया कि कुल्हाड़ी घाट के कमार अगर स्व समूह बनाकर बाँस का कार्य करना चाहते हैं तो उन्हें शासन की ओर से राशि दी जा सकती है और इनके पास के बनाए गए सामानों को आसानी से बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है ।