गरियाबंद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने थाने पहुंच कर निर्माण कार्य गुम होने की शिकायत कर ढूंढने का गुहार लगाया है, मामला देवभोग थाना क्षेत्र के चिचिया पंचायत के दासोपारा गांव से जुड़ा हुआ है, इस गांव में होने वाले पेय जल संकट को देखते हुए वैकल्पिक समाधान के तौर पर पूर्व जिप सदस्य धनमति यादव ने पानी टंकी स्थापना और पाइप लाइन विस्तार हेतु 3 लाख की मंजूरी दिलाई थी, स्वीकृत राशि में से आधी रकम एडवांस निकालने के बावजूद चयनित स्थल पर दो साल में भी काम नहीं दिखा, धनमति ने इस काम की स्थिति जानने जनपद और जिला पंचायत दफ्तर की चक्कर लगाई, 6 माह से गुहार लगाती रही पर कोई नतीजा नहीं निकलता देख आखिरकार थाने पहुंच कर मंजूर काम की गुमशुदगी का लिखित शिकायत दिया, हालांकि मामले में पुलिस ने धारा 155 का फ़ायना दे दिया है, पर इस शिकायत ने सिस्टम पर कई सवाल खड़े कर गया, दरअसल चिचिया पंचायत के जिस दासोपारा में काम की मंजूरी दिलाई गई थी, वहां 4 वार्डो में 600 लोग रहते हैं, पर पेय जल के लिए एक मात्र हैंडपंप ही मौजूद है, जहां सुबह शाम पेय जल लेने महिलाओं की भीड़ लगी रहती है।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में पेयजल सुविधा के नाम पर प्रशासन एक बार फिर सवालों के घेरे में
शनिवार, अप्रैल 18, 2026
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