गरियाबंद। कुल्हाड़ीघाट निवासी बल्दीबाई के पीड़ित परिवार की मदद के लिए जिला प्रशासन लगातार कौशिशो में जुटा है। कल जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी और एसडीएम ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर कलेक्टर द्वारा रेड क्रॉस से जारी 50 हजार की सहायता राशि प्रदान की थी। आज मैनपुर खंड चिकित्सा अधिकारी ने पीड़ित परिवार को अस्पताल द्वारा ली गयी राशि वापिस की। डॉ गजेंद्र कुमार ध्रुव ने ग्रामीणों की मौजूदगी में पीड़ित परिवार को 25 हजार की राशि प्रदान की।
गौरतलब है कि 9 फरवरी को बल्दीबाई की पुत्रवधू और बच्चे की अभनपुर के सोनी एंड कौर अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत हो गयी थी। तकनीकी कारणों से पीड़ित परिवार को सरकार की स्वास्थ्य योजना का लाभ नही मिल पाया था। यहाँ तक कि पीड़ित परिवार को अस्पताल का बिल चुकाने के लिए कर्ज लेना पड़ा था।
पीड़ित परिवार के साथ हुई घटना को सर्वप्रथम शासन के समक्ष रखा। जिला प्रशासन ने मामले में संवेदनशीलता का परिचय दिया। गरियाबंद कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने पीड़ित परिवार की मदद के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। कलेक्टर ने तत्काल रेड क्रॉस से 50 हजार की राशि जारी की और अपने मातहतों के जरिए पीड़ित परिवार के घर राशि पहुंचाई। अपने वादे के मुताबिक आज कलेक्टर ने पीड़ित परिवार से अस्पताल द्वारा इलाज के लिए ली गयी राशि वापिस कराई। खंड चिकित्सा अधिकारी ने गांव पहुंचकर 25 हजार की राशि पीड़ित परिवार को वापिस की।
यही नही कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी पीड़ित परिवार को मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है। उम्मीद है, कि पीड़ित परिवार को जल्द ही स्वेच्छानुदान की राशि उपलब्ध हो जायेगी।
यहां यह बताना लाजमी है कि पोस्टर लेडी बल्दीबाई किसी परिचय की मोहताज नही है। राजधानी रायपुर से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस के तमाम बड़े नेता बल्दीबाई को भलीभांति जानते और पहचानते है। जब उसी बल्दीबाई का परिवार सरकार की योजना से महरूम हो गया तो गरियाबंद कलेक्ट्रेट से लेकर मुख्यमंत्री निवास तक हड़कंप मच गया। विपक्ष ने भी इस मामले में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।