पीएससी की परीक्षा में गड़बड़ी का पेंच अब सियासी पेचदगियां में उलझ गया है। बीजेपी अब खुलकर इस मामले में पीएससी चेयरमैन और राज्य सरकार को घेर रही है। युवा बीजेपी नेता, पूर्व कलेक्टर और वर्तमान प्रदेश भाजपा मंत्री ओपी चौधरी, भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू, पूर्व युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान भाजपा प्रदेश मंत्री विजय शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस कर गड़बड़ी मामले में न्यायिक जांच की मांग की है। ओपी चौधरी ने कहा कि सहायक प्राध्यापक परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़िया हुई है, जिसकी विस्तार से जांच की जानी चाहिये।
भाजपा नेताओं ने प्रेस कांफ्रेस में आरोप लगाया कि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में अलग-अलग विषयों के कुल 105 सवालों को विलोपित किया गया है। आरोप ये भी है, कि दर्जन भर प्रमाणिक रिफरेंस को आयोग ने नजरअंदाज किया गया, नहीं तो विलोपित प्रश्नों की संख्या 200 से अधिक हो जाती।
प्रेस कांफ्रेस में एक सवाल का उदाहरण देते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि परीक्षा में सवाल पूछा गया कि तातापानी कहां, मॉडल उत्तर में सूरजपुर बताया गया, जबकि सही जवाब बलरामपुर होना था। ऐसी कई भूल सामने आयी थी। भाजपा नेता ओपी चौधरी, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने पीएससी परीक्षा का वार्षिक कैलेंडर जारी नहीं करने को लेकर भी सवाल खड़ा किया।