राजिम के प्रभारी तहसीलदार के व्यवहार से क्षुब्ध अधिवक्ताओं द्वारा पिछले 22 फरवरी से अनिश्चित कालीन हड़ताल किया जा रहा है, जिसे और भी विस्तार देते हुए 20 मार्च से क्रमिक भूख हड़ताल पर हैं। क्रमिक भूख हड़ताल के पांचवे दिन अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के 15 सदस्यों ने क्रमिक भूख हड़ताल कर आंदोलन को समर्थन दिया है।
इस दौरान पूर्व सांसद चंदू लाल साहू भी अधिवक्ताओं के इस हड़ताल को समर्थन देने पहुंचे, क्रमिक भूख हड़ताल में बैठे अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव तेजराम विद्रोही ने कहा कि तहसील कार्यालय राजिम में पदस्थ प्रभारी तहसीलदार अपने पद का गुमान करते हुए किसानों व आम फरियादियों के साथ दुर्व्यवहार करते है, उनके प्रकरणों पर सुनवाई करने के बाजय उन्हें गुमराह करके रखा जाता है। अधिवक्ता फरियादियों का आवाज बनकर अधिकारी के समक्ष उनका पक्ष रखते है, लेकिन उन्हें भी नहीं सुना जाता है। जिससे क्षुब्ध होकर अधिवक्ता संघ राजिम द्वारा प्रभारी तहसीलदार को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल एवं क्रमिक भूख हड़ताल किया जा रहा है।
जिसके समर्थन में 24 मार्च को तेजराम विद्रोही , ललित कुमार साहू , पवन साहू , जहूर साहू , जुम्मन ध्रुव , आनंद कुमार ध्रुव , मधुसूदन साहू , गोविंद साहू , आदेश ध्रुव, महेंद्र कुमार साहू, नीलम साहू, सोमन यादव, रेखुराम, साहू, पदुम लाल साहू, हिरामन साहू अधिवक्ता संघ के समर्थन में भूख हड़ताल पर रहे, तथा अधिवक्ता संघ की ओर से आज भूख हड़ताल में अधिवक्ता आर के दीवान, महेश यादव, एम . एल . साहू , टीकम साहू , कमलनारायण साहू, वाय के शर्मा, आशीष शिंदे, यानेन्द्र सिन्हा, यादराम साहू, नेमीचंद साहू, दानेश्वर ठाकुर क्रमिक भूख हड़ताल पर रहे।
एक महीने से ज्यादा जारी हड़ताल के समर्थन में किसान संगठन द्वारा 27 मार्च को दोपहर 1 बजे अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय राजिम का घेराव करने किसान संगठन द्वारा प्रशासन को सूचना दी गई है।
वहीं अधिवक्ता संघ का कहना है, कि उनके द्वारा प्रभारी तहसीलदार को अन्यत्र स्थान भेजने शासन प्रशासन से कई दफा गुहार लगाया जा चुका है, बावजूद इसके प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे हुए है, ऐसे में उचित कार्यवाही नही होने की सूरत में आगे आंदोलन को और विस्तार कर वृहद तौर में प्रदर्शन की चेतावनी अधिवक्ता संघ द्वारा दी गई है।
