राजिम कुंभ कल्प मेला के संत समागम स्थल पर बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति भाव के बीच हनुमत महायज्ञ का शुभारंभ हुआ, यज्ञ प्रारंभ होने के पहले श्री पटेश्वर सेवा संस्थान के बालयोगी श्री राम बालकदास जी के नेतृत्व में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया,
कलश यात्रा के पश्चात विधि-विधान से यज्ञशाला में कलश स्थापना की गई, इस अवसर पर श्रद्धालु राम भजन गाते हुए भक्ति रस में डूबे हुए थे, पूरा संत समागम स्थल ‘‘जय श्रीराम, हनुमान जयकारों’’ और वैदिक मंत्रों से गुंज उठा, यह महायज्ञ 11 से 15 फरवरी तक प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक संपन्न होगा।
आयोजनकर्ता राम बालक दास जी महाराज ने बताया कि आयोजन के दौरान श्री हनुमत सहस्त्रनाम एवं हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया जाएगा, साथ ही प्रतिदिन रात्रि में स्थानीय कलाकारों द्वारा श्रद्धाभाव से सुंदरकांड का पाठ प्रस्तुत किया जाएगा, उन्होंने यज्ञ के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऋषि-मुनियों द्वारा निर्धारित यज्ञ परंपरा प्रकृति की रक्षा, पर्यावरण की पवित्रता तथा अन्न-धन की समृद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक है, यज्ञ के माध्यम से समस्त प्रदेश की सुख-शांति और खुशहाली की कामना की जा रही है,
उन्होंने कहा कि हनुमान जी का गदा धारण करना, भगवान शंकर का त्रिशूल, प्रभु श्रीराम का धनुष-बाण और मां भगवती खप्पर खड़ग धारण करना केवल प्रतीक नहीं, बल्कि धर्म और संस्कृति की रक्षा का संदेश है, यह हमारे हिंदू वीरों का सिंगार है, “एक हाथ में शास्त्र और दूसरे में शस्त्र हो, तभी धर्म सुरक्षित और संस्कार जीवित रहेंगे”।