छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम में महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर राजीव लोचन कुलेश्वर महादेव ट्रस्ट कमिटी द्वारा परंपरागत रूप से महाशिवरात्रि के महापर्व में भगवान कुलेश्वरनाथ जी मंदिर के शिखर पर नए ध्वज की स्थापना की जाती है, ये प्रथा सदियों पुरानी है, जो श्रद्धालुओं के बीच अटूट आस्था का प्रतीक बनी हुई है, महाशिवरात्रि के महापर्व पर उत्सव और भव्य और दिव्य हो जाता है, जब हजारों श्रद्धालु राजिम कुंभ कल्प में मौजूद रहते है, आदि काल से ऐसी प्रथा है, कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान राजीव लोचन मंदिर से थाल में प्रसादी और ध्वज लेकर ट्रस्टी पुजारी भगवान कुलेश्वरनाथ जी मंदिर पहुंचते है, और वहां भगवान कुलेश्वरनाथ जी के शिखर में नए ध्वज पताका की स्थापना की जाती है, ऐसी मान्यता है, कि वनवास के वक्त प्रभु श्री राम माता सीता और लक्ष्मण जी जब यहां पहुंचे तो माता सीता ने अपने कुल के देवता की पूजा बालू के शिवलिंग बनाकर की थी, और जैसे जैसे उन्होंने बालू निर्मित शिवलिंग पर जल अर्पित किया वैसे ही भगवान शिव जी का मुख बनते गया, इसी को लेकर कुलेश्वरनाथ जी को पंचमुखी महादेव भी कहा जाता है, आस्था, आध्यात्म और संस्कृति का अनूठा संगम राजिम प्रणाम में हर वर्ष महाशिवरात्रि के दिन लाखों लोग राजिम पहुंचते है, और भगवान श्री राजीव लोचन मंदिर, और कुलेश्वरनाथ जी मंदिर का दर्शन कर पुण्य लाभ लेते है, शाही यात्रा के दौरान राजीव लोचन मंदिर ट्रस्ट कमिटी के अध्यक्ष श्री राम सुंदर दास जी महंत, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, अनिल तिवारी, राघोबा महा, लोकेश पांडे, श्रवण सिंह ठाकुर, चंद्रभान सिंह ठाकुर, राजेंद्र सिंह मनु, रामकुमार सिंह ठाकुर, बैकुंठ सिंह ठाकुर, भारत सिंह ठाकुर, पुरुषोत्तम मिश्रा, निर्मल दास, जागेश्वर शर्मा, ठाकुर कमलेश सिंह, ठाकुर प्रमोद सिंह, राम कृष्ण कश्यप, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
राजीव लोचन ट्रस्ट कमिटी ने निकाली शाही शोभा यात्रा
सोमवार, फ़रवरी 16, 2026
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