साल 2023 छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए काफी अहम वर्ष है, क्योंकि ये वो साल है, जहां से प्रदेश के अगले पांच वर्ष की राजनीति का समीकरण फिट होगा साल 2018 में कांग्रेस पार्टी ने बंपर जीत के साथ प्रदेश में अपनी सरकार बनाई थी, वहीं 15 साल तक सत्ता में काबिज रही भाजपा को सबसे ज्यादा नुकसान 2018 के चुनाव में ही हुआ, परिस्थितियां ऐसी बनी कि नगरी निकाय, पंचायत चुनावों, उप चुनाव सभी में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा एक बार फिर 2023 का रण सामने है, और सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी पूरी जोर आजमाइश में लगे हुए है।
बात कर लेते है राजिम विधानसभा की तो राजिम विधानसभा क्षेत्र अपने पुरातात्विक और धार्मिक आस्था के लिए तो प्रसिद्ध है ही, राजनीति में भी ये सीट काफी हाई प्रोफाइल और छत्तीसगढ़ की 90 सीटों में अपनी अलग पहचान रखने वाला सीट है।
इस दफा राजिम विधानसभा सीट में भाजपा ने चुनाव से काफी पहले प्रत्याशी की घोषणा कर चुनावी मैदान में एक कदम कांग्रेस से आगे चाल चल दी है, वहीं कांग्रेस पार्टी में इस बार दावेदारों की लंबी फेहरिस्त सामने आई है, राजिम विधानसभा क्षेत्र से इस दफा कांग्रेस पार्टी के 33 लोगों ने अपनी दावेदारी पेश की है, वर्तमान विधायक अमितेश शुक्ल के साथ ही तेलघानी बोर्ड के सदस्य शैलेंद्र साहू, जिला अध्यक्ष भाव सिंग साहू, जनपद अध्यक्ष पुष्पा साहू, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी साहू, पूर्व जनपद अध्यक्ष राघोबा महाडिक, पत्रकार गोरेलाल सिन्हा, युगल पांडे, बैसाखू राम साहू, डॉ दिलीप साहू, श्रीमती अर्चना साहू, श्रीमती शीला ठाकुर, आनंद मतवाले, राजेंद्र भारती, डेकेश्वर ठाकुर, नारायणलाल साहू, राजेश यादव, श्रीमती मधुबाला रात्रे, अभिषेक मिश्रा, पुरुषोत्तम साहू, लोकेश चंदन साहू, होमन लाल साहू, अनिल साहू, मो सफीक खान, अर्चना खरे, आबिद देबर, लेखराम सिन्हा, मोतीराम साहू, राकेश साहू, समद खान, अशोक दीक्षित, जितेंद्र साहू, गौरव मिश्रा शामिल है, ये सभी कांग्रेस से जुड़े लोग है, और इस बार राजिम विधानसभा से कांग्रेस पार्टी से टिकट के लिए इन्होंने दावेदारी की है, कांग्रेस आलाकमान 33 दावेदारों में से किस पर अपना मुहर लगाते है, ये तो वक्त बताएगा।
बड़ा सवाल ये है, कि इस दफा कांग्रेस पार्टी में जिस तरह दावेदारों की लंबी फेहरिस्त सामने आई है, उससे आने वाले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को अपने ही पार्टी के साथियों को साधना और साथ रखना एक बड़ी चुनौती होगी बहरहाल राजिम विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं को भी जल्द टिकट डिक्लेरेशन की उम्मीद है, क्योंकि भाजपा के प्रत्याशी की घोषणा के बाद अब कांग्रेस भी चाहेगी कि उनका उम्मीदवार भी जल्द घोषित हो ताकि वो भी प्रचार प्रसार में पूरे दमखम से लग जाएं।