गरियाबंद के उदंती सीतानदी अभ्यारण्य में बाघ की खोज के लिए प्रशासन अब जंगलों मे नए तकनीक से कैमरे लगाने वाली है, आल इंडिया टाइगर एस्टिनमेशन फेज_4 के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है, इसके लिए अभ्यारण्य को चार भागों में बाटा गया है, प्रत्येक भाग में गूगल अर्थ से तय ग्रिड में 250 कैमरे लगाए जाएंगे, इसके लिए 150 कर्मियो को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है।
दरअसल 2022 के अंतिम बाघ गणना रिपोर्ट में उदंती सीतानदी अभ्यारण्य में केवल एक बाघ की उपस्थिति पाई गई थी, जिसे 13 दिसंबर 2022 को अंतिम बार देखा गया था, लेकिन पिछले 11 माह से इस इकलौते बाघ का विचरण कारीडोर से नदारद है, जो प्रशासन को हैरानी में डाले रखा है, बीते दिनों रिजर्व क्षेत्र में लगे ट्रैप कैमरे में लेपर्ड और हाइना की तस्वीरें कैद हुई थी।
जिसके बाद नए सिरे से और नए तकनीक से वन विभाग अब बाघ की खोज में लग गया है, उपनिदेशक वरुण जैन को भरोसा है, कि इस खोज में बाघ की उपस्थिति का पता चल जाएगा,