“रामभक्तों की आस्था से विश्वासघात का आरोप": गरियाबंद में स्मृति ठाकुर ने राम मंदिर चढ़ावा मामले पर केंद्र सरकार को घेरा”
”‘भगवान राम भाजपा की संपत्ति नहीं’—स्मृति ठाकुर ने उठाए तीखे सवाल, राम मंदिर चढ़ावा मामले में न्यायिक जांच की मांग की”
गरियाबंद : राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर कांग्रेस ने शुक्रवार को गरियाबंद में जोरदार हमला बोला, जिला स्तरीय पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस की ओर से नियुक्त प्रभारी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष स्मृति ठाकुर ने कहा, कि यह मामला केवल पैसों का नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था, विश्वास और भावनाओं से जुड़ा है, उन्होंने पूरे प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित पत्रकार वार्ता में स्मृति ठाकुर ने कहा, कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था के केंद्र हैं, मंदिर निर्माण के लिए देशभर के गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं और श्रद्धालुओं ने अपनी मेहनत की कमाई और श्रद्धा से चंदा दिया था, ऐसे में यदि चढ़ावे और चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर आंदोलन के नाम पर जनता से चंदा जुटाकर सत्ता तक पहुंचने वाले लोग अब इस पूरे मामले पर जवाब देने से बच रहे हैं, उनके अनुसार यह केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़े सवालों का विषय है।
स्मृति ठाकुर ने पत्रकार वार्ता में तीन प्रमुख सवाल उठाए, उन्होंने पूछा कि जब ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ, तो कथित अनियमितताओं की जवाबदेही कौन लेगा? यदि सब कुछ पारदर्शी था, तो ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए? और यदि कोई गड़बड़ी नहीं हुई, तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है, कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच कराई जाए, राम मंदिर से जुड़े चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और व्यय का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए, तथा रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, साथ ही कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो।
पत्रकार वार्ता के अंत में स्मृति ठाकुर ने कहा कि “भगवान श्रीराम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था के प्रतीक हैं, यदि उनके नाम पर जुटाए गए धन में किसी प्रकार की कथित अनियमितता हुई है, तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए।”
पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष मंजू ध्रुव सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।