भाजयुमो गरियाबंद के जिला उपाध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि रिकेश साहू ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा धान खरीदी की तिथि 7 फरवरी तक बढ़ाए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि आखिरकार भाजपा का दबाव काम आया और मुख्यमंत्री को धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की घोषणा करनी ही पड़ी रिकेश ने कहा कि इस महीने के पहले सप्ताह में लगातार 5-6 दिनों तक पानी गिरने से यह बात पूरी तरह साफ़ हो गई थी कि 31 जनवरी तक प्रदेश के किसान भाई समर्थन मूल्य में अपना धान नहीं बेच पाएंगे इससे किसान भाई काफी परेशान हो गए थे।
किसानों का दिन का चैन और रातों की नींद उड़ गई थी इस हकीकत से भूपेश सरकार भी भलीभांति वाकिफ थी लेकिन किसान भाइयों को तरसाकर उन पर कृपा करना मानो भूपेश सरकार की नियति बन गई है। भूपेश सरकार को खुद आगे आकर उसी समय धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने की घोषणा करनी थी लेकिन अपनी आदत से मजबूर भूपेश सरकार ने ऐसा नहीं किया ऐसे वक्त में भाजपा ने किसान भाइयों की परेशानी को देखते हुए सरकार पर दबाव बनाते हुए धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग शुरू की गई।
भाजपा के बढ़ते दबाव और किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए कांग्रेस के नेताओं ने अपने आप को किसान हितैषी होने का ढोंग करते हुए लगभग 10 दिनों बाद धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग करने लगे और फिर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने आप को देवदूत की तरह प्रस्तुत करते हुए धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की इस ढंग से घोषणा की मानो वे किसानों के मसीहा हैं।
भाजयुमो नेता रिकेश साहू ने आगे कहा कि कांग्रेस जब-जब किसान व जनविरोधी काम करेगी भाजपा इसी तरह कांग्रेस को सही रास्ते पर लाते रहेगी वैसे भी 3 साल बीत चुके हैं और 2 साल बाद तो भूपेश सरकार की रवानगी तय ही है शायद इसे भांपकर ही भूपेश सरकार किसान और जनविरोधी काम करने में भी संकोच नहीं कर रही है ।